उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा पीआरटी (कक्षा 1 से 5) में सफलता प्राप्त करने के लिए टिप्स और रणनीतियां

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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए टिप्स और रणनीतियां

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता विभाग ने हाल ही में शिक्षक पदों की भर्ती के लिए अधिसूचना ज़ारी की । पदों की भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की जाएगी। जिसमे आवेदको को कट ऑफ प्राप्त करना होगा। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता भर्ती पदों के लिए परीक्षा जल्द ही आयोजित की जाएगी। परीक्षा में सफलता पाने के लिए आपको ज्ञात होना चाहिए कि पेपर पैटर्न क्या है ,साथ ही में परीक्षा में आपको कितना कट ऑफ प्राप्त करना है और कैसे कट ऑफ प्राप्त करना इसका ज्ञान होना भी अनिवार्य है। यह लेख उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा से संबधित है।जिसमे आज हम आपको उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा में कटऑफ प्राप्त करने के लिए टिप्स देगे ,जिससे आप परीक्षा में अच्छे अंक पा सकते ।उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा के सभी उपविषय इस प्रकार है-

 प्राथमिक स्तर के लिए परीक्षा पैटर्न ( कक्षा 1 से 5 तक के लिए)

परीक्षा की अवधि ढाई घंटा होगी

क्रम संख्या विषय वस्तु प्रश्नों की संख्या अंक
1 बाल विकास एवम् शिक्षण विधि 30 MCQ 30
2 भाषा प्रथम 30 MCQ 30
3 भाषा द्वितीय (उर्दू,संस्कृत,इंग्लिश में से कोई) 30 MCQ 30
4 गणित 30 MCQ 30
5 पर्यावरणीय अध्ययन 30 MCQ 30
कुल 150 150


परीक्षा पाठ्यक्रम :-
 

बाल विकास एवम् शिक्षण विधि -विकास की अवधारणा तथा अधिगम के साथ उसका संबंध,बालको के विकास के सिद्धान्त,आनुवांशिकता और पर्यावरण के प्रभाव,सामाजिकीकरण प्रक्रियाएं,और वायगोटस्की,पाईगेट,कोलबर्ग:-निर्माण और विवेचित संदर्श, भाषा और चिंतन,समाज निर्माण के रूप में लिंग:-लिंग भूमिकाएं,लिंग पूर्वाग्रह और शैक्षणिक व्यवहार,समावेशी शिक्षा अर्थ,प्रकृति व सिद्धान्त,पियाजे थ्योरी,मसलो थ्योरी,अधिगम और अध्यापन आदि।

भाषा:– भाषा बोधगम्यता-अनुच्छेदो को पढना-दो अनुच्छेद ,गद्य अथवा नाटक और कविता जिसमे बोधगम्यता निष्कर्ष,व्याकरण,और मौखिक योग्यता से संबंधित प्रश्न होगे-(गद्य अनुच्छेद साहित्यिक,वैज्ञानिक,वर्णात्मक,अथवा तर्कमूलक हो सकता अनुच्छेद,कविता,गद्यांश, भाषा विकास का अध्यापन,भषा कौशल,एक भिन्नक्षा में भाषा पढ़ाने की चुनौतियां,भाषा की कठिनाइयां और विकास,अधिगम सामग्री,पाठ्य पुस्तक,मल्टीमीडिया सामग्री आदि।

गणित – ज्यामिति,आकार और स्थानिक समझ,संख्याएं,जोड़ना और घटाना,गुणा करना,विभाजन,मापन,भार,समय,परिमाण,आँकड़ा प्रबंधन,पैटर्न,राशि,पाठ्यचार्य में गणित का स्थान,गणित की भाषा,सामुदायिक गणित, औपचारिक एवम् अनौपचारिकता मूल्यांकन,शिक्षण की समस्याए आदि।

पर्यावरण अध्यन  – परिवार एवम मित्र,भोजन,आवास,जल,ट्रांसपोर्ट,मानव निर्मित उपयोगी वस्तुएं, पर्यावरण अध्यन की अवधारणा व क्षेत्र, पर्यावरण अध्यन का अभिप्राय एवं एकीकृत पर्यावरण अध्यन, पर्यावरण अध्यन के अधिगम सिधांत, विज्ञानं एवं सामाजिक विज्ञानं के क्षेत्र एवं सम्बन्ध, प्रस्तुतिकरण के उपागम, क्रियाकलाप एवं प्रायोगिक कार्य, सतत एवं व्यापक मूल्यांकन, शिक्षण सामग्री एवं साधन, पर्यावरण शिक्षण की समस्याएं आदि।

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा 2015 में सफलता प्राप्त करने के लिए टिप्स और रणनीतियां

1. बाल विकास एवम् शिक्षण :- परीक्षा में सबसे पहले बाल विकास एवम् शिक्षण के सवालों को हल करे इस विषय में आपको अपनी सूझ का प्रयोग करना होता अगर आप प्रश्नों को केवल ध्यान से पढेगे तो आपको कुछ सवालो के उत्तर आसानी से ही मिल जायेगे

2. भाषा खंड :- भाषा खंड में सबसे पहले अनुच्छेदो को हल करे अनुच्छेद को हल करने से पहले प्रश्नों को पहले पढ़ ले और उन्ही के अनुसार उत्तर ज्ञात करने की कोशिश करे उसके बाद कविता के प्रश्नों को हल करे ,उसके बाद वर्तनी, उपचारात्मक शिक्षण ,भाषा समस्याए और कक्षा शिक्षण से संबंधित प्रश्नो को करे

3. अपने कमज़ोर को विषयो पहचाने: सबसे पहले आपको अपने कमज़ोर विषयो की पहचान करनी चाहिए। जब आपको ज्ञात हो जाए कि आपके कमज़ोर विषय कौन से है तो आपको उन पर अधिक से अधिक समय देने चाहिए ताकि आप कट ऑफ प्राप्त कर सके। हिंदी में कहावत है कि- करत करत अभ्यास के जङमति होत सुजान,रसरी आवत जात, सिल पर करत निशान। अभ्यास एक ऐसा गुणं है जो उपलब्धियों एवं सफलताओं का रास्ता प्रशस्त करता है। जीवन में नित नई बातों को सीखना तथा उसका अभ्यास करते रहना जीवन की सतत प्रक्रिया है।

4. परीक्षा पैटर्न और सिलेबस को समझे – परीक्षा की तैयारी करने से पहले आपको ये ज्ञात होना चाहिए कि परीक्षा का पैटर्न और सिलेबस क्या है।हर परीक्षा का पैटर्न भिन्न भिन्न होता है जैसे प्रश्नों की कुल संख्या,भागो की संख्या,परीक्षा अवधि आदि। परीक्षा में सफलता पाने के लिए ज़रूरी है कि जिस तरह से परीक्षा का पैटर्न है आप उसी के अनुसार तैयारी करे।

5. समय-प्रबंधन कौशल  -स्वयं को प्रश्न तेजी से हल करने के लिए तैयार करने हेतु अभ्यर्थी को समय-प्रबंधन के कौशल विकसित करने चाहिए। उसे न्यूनतम संभव समय में अधिकतम प्रश्न हल करने के हिसाब से समय समर्पित करना चाहिए। समय टॉपिक्स की तैयारी और अभ्यास के अनुसार दिया जाना चाहिए।

6. मोक टेस्ट के द्वारा अभ्यास करे – परीक्षा से पहले प्रतिदिन मोक टेस्ट ज़रुर ले। परीक्षा से पहले अगर आप प्रतिदिन मोक टेस्ट लेते है तो आपको परीक्षा देते समय आनी वाली परेशानियाँ पता चल जाएगी जिनमें आप प्रयास करके सुधार कर सकते। मोक टेस्ट उसी प्रकार से तैयार किए जाते है जिस तरह से पेपर आता है जब आप मोक टेस्ट के द्वारा परीक्षा की तैयारी करते है तो आपको ये ज्ञात हो जाता है कि आपको किस भाग में परेशानी आ रही है जिसे आपको दूर करना है।

7. सटीकता पर ध्यान दे परीक्षा में आप इस बात पर ध्यान दे कि आपको सवालो को जल्दी हल नही करना है बल्कि सही  उत्तर प्राप्त करना है। इसलिये सवालों कों हल करते समय इस बात पर ध्यान दे कि आपके उत्तर सही हो।

8. गति आप अपनी सवालों को हल करने की गति का ध्यान रखे ।आप अपनी गति बढ़ाने के लिए प्रतिदिन अभ्यास करे।

अगर आप दी गई सभी टिप्स का पालन करे तो आप परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर सकते। अभ्यर्थियों को बेहतर अंक लाने के लिए सिर्फ पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों और ऑनलाइन प्रश्नपत्रों का अधिकाधिक अभ्यास करने की आवश्यकता है

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