नवीनतम करंट अफेयर्स 10 दिसम्बर 2015-Latest current affairs 10 December 2015

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पहली बुलेट ट्रेन के लिए भारत करेगा जापान के साथ समझौता

पहली बुलेट ट्रेन के लिए भारत करेगा जापान के साथ समझौता करंट अफेयर्स

  • देश की पहली बुलेट ट्रेन के लिए भारत इस सप्ताह जापान के साथ समझौते पर हस्ताक्षर करने की तैयारी में है। जापान के स्थानीय मीडिया ने बताया कि दोनों देशों में मुंबई और अहमदाबाद के बीच हाई-स्पीड-रेल प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। इसके लिए 8 अरब डॉलर का लोन जारी होगा। बताया गया कि शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके जापानी समकक्ष शिंजो आबे शनिवार को इस समझौते को लेकर संयुक्त बयान जारी कर सकते हैं।
  • आबे शनिवार को भारत दौरा करेंगे। जापान के बिजनेस डेली ने बताया कि आबे इस प्रोजेक्ट के लिए 1 अरब डॉलर की पेशकश करेंगे। गौरतलब है कि भारत की सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर शुरू करने की योजना है। मुंबई-अहमदाबाद रेलवे रूट से यात्रा का समय आठ घंटे से कम होकर महज दो घंटे रह जाएगा। इस 2017 में निर्माण शुरू हो जाएगा।

स्वच्छता कार्यक्रम के प्रचार पर खर्च किए 788 करोड़ रुपये

स्वच्छता कार्यक्रम के प्रचार पर खर्च किए 788 करोड़ रुपये करंट अफेयर्स

  • गांवों में हर परिवार के लिए शौचालय भले ही न बना हो लेकिन यूपीए सरकार के दसरे कार्यकाल में स्वच्छता कार्यक्रम के प्रचार पर भारी भरकम 788 करोड़ रुपये खर्च किए। यह धनराशि इतनी है कि इससे गांवों में करीब 8 लाख गरीब परिवारों में शौचालय बनाए जा सकते थे। इतना ही नहीं प्रचार के नाम पर खर्च की गई इस धनराशि में से कम से कम एक चौथाई धनराशि को दूसरे कार्यो पर खर्च कर दिया गया।
  • इस बात का खुलासा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की एक रिपोर्ट में हुआ है मंगलवार को लोक सभा में पेश हुई। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार ने 2009-10 से 2013-14 के दौरान संपूर्ण स्वच्छता अभियान और निर्मल भारत अभियान के प्रचार पर भारी भरकम 788 करोड़ रुपये खर्च कर दिए।
  • इसमें से बड़ी राशि प्रचार से इतर खर्च की गई। मसलन दो करोड़ रुपये मेमोन्टो (प्रतीक चिन्ह), 8.37 लाख रुपये वाहन किराए पर लेने जैसे कार्यो पर खर्च कर दिए। कैग के अनुसार निर्मल भारत अभियान और संपूर्ण स्वच्छता कार्यक्रम के प्रचार के लिए 2009-10 से 2011-12 के बीच खर्च हुई धनराशि में से एक चौथाई धनराशि को प्रचार से इतर कार्यो पर खर्च किया गया।
  • कैग रिपोर्ट में गया है कि ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम पर 2009-10 से 2013-14 के दौरान पांच साल में भारी भरकम 10,000 करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद 30 प्रतिशत से अधिक घरों में बने शौचालय खराब और अधूरे निर्माण के चलते बेकार पड़े हैं। केंद्र और राज्य सरकारें गरीबों को शौचालय निर्माण के लिए लगभग 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देती हैं।
  • यूपीए ने 2012 तक देश को खुले में शौच की समस्या से निजात दिलाने का लक्ष्य रखा था लेकिन संपूर्ण स्वच्छता अभियान के लचर प्रदर्शन को देखते हुए पहले इसे बढ़ाकर 2017 तथा बाद में 2022 कर दिया गया।
  • हाल यह है कि मंत्रालय को स्वच्छता कार्यक्रम पर खर्च होने वाली धनराशि की निगरानी के लिए 40 करोड़ रुपये मिले थे लेकिन मंत्रालय ने इसमें से मात्र 0.32 करोड़ रुपये ही खर्च किए। इस तरह मंत्रालय ने 2009-10 से 2013-14 के दौरान 22.08 करोड़ रुपये दूसरे कार्यो पर खर्च कर दिए।
  • कैग की यह रिपोर्ट इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2 अक्टूबर 2014 को महत्वाकांक्षी स्वच्छ भारत मिशन शुरु किया है। उन्होंने 2019 तक देश को खुले में शौच से मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में यह रिपोर्ट में पूर्व की विफलताओं से सीख दे सकती है।


काहेर काजेम बने जीएम इंडिया के MD

काहेर काजेम बने जीएम इंडिया के MD करंट अफेयर्स

  • जनरल मोटर्स ने काहेर काजेम को अपने भारतीय परिचालन का अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक बनाया है। यह नियुक्ति एक जनवरी से प्रभावी होगी। कार विनिर्माता कंपनी ने कहा कि काजेम फिलहाल जीएम इंडिया के मुख्य परिचालन अधिकारी हैं और वह अरविंदसक्सेना की जगह लेंगे जिन्होंने सेवा से निवृत्त होने का फैसला किया है।
  • जीएम के कार्यकारी उपाध्यक्ष और जीएम इंटरनेशनल के अध्यक्ष स्टेफान जैकोबी ने एक बयान में कहा ‘काहेर के अनुभव और कारोबार की समझ को ध्यान में रखतेहुए ऐसे महत्वपूर्ण समय में हमें उन्हें जीएम इंडिया का नेतृत्व सौंपते हुए खुशी हो रही है।

ईपीएफओ बोर्ड की बैठक आज, पीएफ पर बढ़ सकती है ब्याज दर

ईपीएफओ बोर्ड की बैठक आज, पीएफ पर बढ़ सकती है ब्याज दर

  • कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) मौजूदा वित्त वर्ष 2015-16 के लिए ब्याज दर थोड़ी बढ़ा सकता है। ईपीएफओ न्यासी बोर्ड की बुधवार को बैठक होनी है, जिसमें इस बारे में फैसला किया जाएगा।
  • बीते दो वित्त वर्ष से यह ब्याज दर 75 प्रतिशत है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, हालांकि पीएफ जमाओं पर ब्याज दर तय करने का प्रस्ताव एजेंडे में नहीं है, लेकिन ईपीएफओ की शीर्ष निर्णायक इकाई, केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) अपनी बुधवार को होने वाली बैठक में दर की घोषणा कर सकता है।
  • उन्होंने कहा कि यह बैठक मुख्य रूप से ईपीएफओ के पुनर्गठन पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई है, लेकिन चूंकि संगठन ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए अपने आय अनुमानों पर काम पूरा कर लिया है, ब्याज दर बैठक में तय की जा सकती है।
  • मौजूदा वित्त वर्ष के लिए आय अनुमानों के हिसाब से ईपीएफओ 75 प्रतिशत से थोड़ा अधिक ब्याज दर का भुगतान कर सकता है। वित्त वर्ष 2013-14 व 2014-15 में ईपीएफओ ने 8.75 प्रतिशत ब्याज का भुगतान किया था।
  • वित्त मंत्रालय हालांकि चाहता है कि ईपीएफओ 2015-16 के लिए ब्याज दर 75 प्रतिशत ही रखे। हाल ही में वित्त व श्रम मंत्रालयों के अधिकारियों की बैठक हुई, इसमें वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने श्रम मंत्रालय से आग्रह किया कि मौजूदा वित्त वर्ष के लिए ब्याज दर 8.75 प्रतिशत ही रखी जाए।

अब कैब कंपनियां शुरू करेंगी राइड शेयरिंग.

govt curbs taxi sharing current affairs

  • सम और विषम वाली गाड़ियों को लेकर दिल्ली सरकार का फॉमूला 1 जनवरी से लागू होने वाला है। इस घोषणा के बाद से ही बहस और तकलीफ बयां करने का दौर लगातार चल रहा है, लेकिन उन लोगों के लिए अब राहत भरी खबर है, जो शेयरिंग पर भरोसा करते हैं और रेडियो टैक्सी लेते हैं। रडियो टैक्सी एसोसिएशन ने इस बात पर सहमति बना ली है कि अगर सरकार का साथ मिले तो वह जल्द ही राइड शेयरिंग की सुविधा अपने ग्राहकों के लिए शुरू कर देंगे।
  • एसोसिशन ऑफ रेडियो टैक्सीज के अध्यक्ष कुणाल ललानी ने बताया कि शुक्रवार को दिल्ली सरकार ने जैसे ही इवन ऑड को लेकर घोषणा की तभी से एसोसिएशन के लोगों की दो बार राइड शेयरिंग को लेकर बैठक हो चुकी है। सहमति भी बन गई है और अब अपने प्रस्ताव के साथ ये लोग हफ्ते से 10 दिनों के भीतर दिल्ली सरकार से मिलने वाले हैं।
  • दरअसल, रेडियो टैक्सी एसोसिएशन के तहत दिल्ली की कुल पांच कैब सर्विसेज आती हैं, जिसमें मेरू, ईजी, मेगा, विन और यो शामिल है। इसके तहत दिल्लीभर में चलने वाली तकरीबन 3800 गाड़ियां हैं और शुरुआत में इनमें से 30 से 40% गाड़ियों को ये लोग राइड शेयरिंग पर चलाने को तैयार हैं।
  • एक तरफ जहां सरकार इवन ऑड के फॉमूले को हिट बनाने को लेकर ट्रांसपोर्ट के वैकल्पिक व्यवस्था तलाशने में जुटी है वहीं राइड शेयरिंग को लेकर टैक्सी एसोसिएशन का प्रस्ताव सरकार और पब्लिक को राहत देने वाली हो सकती है