सार-भारतीय तटरक्षक बल के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नियुक्त हुए,कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पद की न्यायमूर्ति शुभ्रो कमल मुखर्जी ने शपथ ग्रहण की,पीडीएस प्रणाली आधारित कम्प्यूटरीकृत पायलट परियोजना का ओडिशा में शुभारम्भ किया गया,सौर उर्जा विवाद में विश्व व्यापार संगठन ने भारत के खिलाफ निर्णय दिया,डस्टबिन में कूड़ा डालेंने पर अब मिलेगा मुफ्त वाई-फाई.

भारतीय तटरक्षक बल के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नियुक्त हुए

भारतीय तटरक्षक बल के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नियुक्त हुए

  • 25 फरवरी 2016 को केंद्र सरकार ने राजेंद्र सिंह को भारतीय तटरक्षक बल का महानिदेशक नियुक्त किया।
  • इस पद पर नियुक्त होने वाले वे गैर नेवी क्षेत्र से पहले अधिकारी हैं।
  • इनकी नियुक्ति कैबिनेट की सहमति द्वारा की गई।
  • तटरक्षक बल के महानिदेशक के पद पर इससे पहले नौसेना के थ्री स्टार अधिकारी की ही नियुक्ति होती रही है।
  • राजेंद्र सिंह वाइस एडमिरल एचसीएस बिष्ट का स्थान लेंगे।
  • वर्ष 1980 में राजेंद्र सिंह तटरक्षक बल में शामिल हुए थे।
  • इन्हे 15 अगस्त, 1990 को तटरक्षक पदक से सम्मानित किया गया था।
  • इन्हे भारत सरकार ने 15 अगस्त 2007 को राष्ट्रपति पदक से भी सम्मानित किया था।

कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पद की न्यायमूर्ति शुभ्रो कमल मुखर्जी ने शपथ ग्रहण की

कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पद की न्यायमूर्ति शुभ्रो कमल मुखर्जी ने शपथ ग्रहण की

  •  23 फ़रवरी 2016 को न्यायमूर्ति शुभ्रो कमल मुखर्जी ने कर्नाटक उच्च न्यायालय के 28 वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली
  •  राज्यपाल वजूभाई आर वाला द्वारा इन्हें शपथ दिलाई गई।
  •  न्यायमूर्ति मुखर्जी का जन्म 10 अक्टूबर 1955 को हुआ ।
  •   इन्होने अपनी एमए  एलएलबी की डिग्री कलकत्ता विश्वविद्यालय से प्राप्त की।
  • 5 जुलाई 1982 से इन्होने एक वकील के रूप में वकालत करना आरंभ किया था।
  •   15 सितंबर 2000 को इनकी नियुक्ति कलकत्ता उच्च न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश के पद पर की गई थी

पीडीएस प्रणाली आधारित कम्प्यूटरीकृत पायलट परियोजना का ओडिशा में शुभारम्भ किया गया

पीडीएस प्रणाली आधारित कम्प्यूटरीकृत पायलट परियोजना का ओडिशा में शुभारम्भ किया गया

  •       23 फ़रवरी 2016 को पीडीएस प्रणाली आधारित कम्प्यूटरीकृत पायलट परियोजना का ओडिशा में शुभारम्भ किया गया
  •  आवश्यक वस्तुओं के वितरण की निगरानी के उद्देश्य से इस परियोजना का शुभारम्भ किया गया।
  • यह परियोजना प्रारंभ में भुवनेश्वर के बाहरी इलाके धौली ग्राम पंचायत में शुरू की गयी।
  •    मार्च 2017 तक यह राज्य भर में लागू की जाएगी।
  • इस प्रणाली से व्याप्त अनियमितताओं की जाँच में मदद मिलेगी।
  • इसके माध्यम से लाभार्थियों और वितरक के बीच की हर गतिविधि एक यंत्रीकृत सिस्टम में दर्ज हो जाएगी।

सौर उर्जा विवाद में विश्व व्यापार संगठन ने भारत के खिलाफ निर्णय दिया

सौर उर्जा विवाद में भारत के खिलाफ निर्णय दिया विश्व व्यापार संगठन ने

  •    24 फरवरी 2016 को विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के विवाद निपटान पैनल ने सोलर ऊर्जा कार्यक्रम को लेकर भारत के खिलाफ फैसला दिया।
  •   इस परियोजना को लेकर अमेरिका ने शिकायत की थी, कि भारत इस प्रॉजेक्ट में घरेलू कॉन्टेंट का अधिक इस्तेमाल कर रहा है, जो वैश्विक व्यापार नियमों का उल्लंघन है।
  • तीन सदस्यीय पैनल में न्यूजीलैंड के व्यापारिक दूत डेविड वॉकर ने कहा कि भारत का स्थानीय कॉन्टेंट अन्तरराष्ट्रीय संधि के अनुच्छेद 2.1 का उल्लंघन करता है तथा यह शुल्क तथा व्यापार आम समझौता-1994 के अनुरूप नहीं है।
  •  स्थानीय कॉन्टेंट की आवश्यकतानुसार उपायों को सामान्य अपवाद के तहत अनुच्छेद XX (j) एवं अनुच्छेद XX(d) के तहत उचित नहीं माना जा सकता।

डस्टबिन में कूड़ा डालेंने पर अब मिलेगा मुफ्त वाई-फाई

डस्टबिन में कूड़ा डालेंने पर अब मिलेगा मुफ्त वाई-फाई

  • कूड़े कचरे का सही तरीके से निस्तारण करने के लिए पर्यावरण संरक्षण विभाग बहुत से उपाय कर रहा हैं।
  •   इस समस्या का समाधान करते हुए मुंबई के दो उद्यमी प्रतीक अग्रवाल और राज देसाई ने एक अनोखा ट्रैश कैन (डस्टबिन) तैयार किया है।
  •  यह स्मार्ट डस्टबिन वाई-फाई राउटर से जुड़ा होगा।
  • जब कोई भी व्यक्ति इसमे कचरा डालेगा, तो वह 15 मिनट मुफ्त वाई-फाई सेवा का इस्तेमाल कर पाएगा।
  • भारत को स्वच्छ बनाने के लिए दोनों उद्यमियों ने थिंकस्क्रीम नाम से एक स्टार्टअप शुरू किया है।
  •  यह स्मार्ट डस्टबिन 1.3 मीटर ऊंचा हैं और इस पर एलईडी स्क्रीन भी हैं।
  • इस डस्टबिन में कचरा डालने पर इसकी स्क्रीन पर एक कोड आ जाता है, जिसका प्रयोग करने पर यूजर 50 मीटर के दायरे में मुद्ब्रत वाई-फाई सेवा का इस्तेमाल कर सकता है।

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