1) सिस्को, आंध्र प्रदेश द्वारा भारत की पहली राज्यस्तरीय ब्रॉडबैंड परियोजना का प्रारम्भ:

विवरण:

  • वैश्विक आईटी समाधान कंपनी सिस्को ने आंध्र प्रदेश के डिजिटल परिवर्तन में तेजी लाने के लिए रणनीतिक पहल की एक श्रृंखला की घोषणा की है।
  • ए पी फाइबर ग्रिड परियोजना को केंद्र सरकार के नेशनल ऑप्टिक फाइबर नेटवर्क के अंतर्गत पायलट योजना के रूप में शुरू किया गया है। इस परियोजना को 333 करोड़ रुपये की लागत से लागू किया गया है, और यह धीरे-धीरे जुलाई 2016 तक राज्य के अन्य जिलों में शुरू की जाएगी।
  • राज्य सरकार ने एपी फाईबरनेट के माध्यम से 1.3 करोड़ परिवारों को जोड़ने की योजना बनाई है।

अधिक जानकारी:

  • सिस्को द्वारा विशाखापत्तनम में इंटरनेट ऑफ़ एवरीथिंग (IOE) इनोवेशन सेंटर की भी स्थापना की जाएगी ताकि पार्टनर एवं  स्टार्टअप कंपनियां इंटरनेट ऑफ़ एवरीथिंग (IOE) से सम्बद्ध प्रोटोटाइप और समाधान का निर्माण कर सकें।
  • फाइबर ऑप्टिक की शुरुआत के साथ ही आंध्र प्रदेश सभी घरों को ऑनलाइन लाने वाला पहला भारतीय राज्य बन जाता है। पिछले साल जुलाई में शुरू की गई डिजिटल भारत योजना के प्रस्ताव के अंतर्गत केंद्र सरकार ने 2017 तक उच्च गति के इंटरनेट के साथ 2,50,000 ग्राम पंचायतों को जोड़ने का लक्ष्य बनाया है।
  • अनुसंधान को बढ़ावा देने की पहल के हिस्से के रूप में, सिस्को द्वारा आंध्र विश्वविद्यालय के सहयोग से विशाखापत्तनम में 12 महीने का अनुसंधान कार्यक्रम आयोजित किया जाऐगा ताकि ग्रामीण आंध्र प्रदेश में डिजिटल प्रौद्योगिकी और समाधान अनुरूपण एवं विकास की संभावना का पता लगाया जा सके।

 

2) पहला स्टार्टअप वेयरहाऊस स्थापित करने के लिए नैसकॉम की तमिलनाडु सरकार के साथ भागीदारी :

विवरण:

  • युवा उद्यमियों का लगातार समर्थन करने के एक प्रयास के रूप में, नेशनल एसोसिएशन ऑफ़ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज (नासकॉम) ने चेन्नई में अपना पहला स्टार्टअप वेयरहाऊस स्थापित करने की घोषणा की है। तमिलनाडु इलेक्ट्रानिक्स कार्पोरेशन के माध्यम से राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग एवं नैसकॉम (NASSCOM) के मध्य सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए गए।
  • वेअरहाऊस में स्टार्टअप कम्पनियों को कई सुविधाएं प्रदान की जायेंगी जिसके तहत एक 10 एमबीपीएस ब्रॉडबैंड लीज्ड लाइन, वातानुकूलित वातावरण, कुर्सी, टेबल, चाय / कॉफी जैसी बुनियादी सुविधाएँ शामिल होंगी।  इस सहकार्यालय में प्रारंभिक अवस्था वाली प्रौद्योगिकी स्टार्टअप कंपनियां 6 से 12 महीने तक काम कर सकती हैं, इसके अलावा इन स्टार्टअप कम्पनियों को चयनित नैसकॉम (NASSCOM) प्रतियोगिताओं में भी प्रदर्शित किया जायेगा।
  • इस वेयर हाऊस में जोकि 8000 वर्ग फीट के क्षेत्रफल में फैला हुआ है, 50 स्टार्टअप कंपनियां काम कर सकती हैं एवं अपना विकास कर सकती हैं। यहाँ रहकर उद्यमियों को कई लाभ प्राप्त होंगे जिससे उनकी उद्यमशीलता कौशल में विकास होगा एवं साथ ही उनकी व्यापर क्षमता जैसे : प्रारंभिक चरण सलाह, गूगल, अमेज़न, माइक्रोसॉफ्ट, आईबीएम क्लाऊड एवं कोटक आदि से संसाधनों का चयन मैं वृद्धि होगी। एक चयन समिति के द्वारा जिसमें सरकार एवं अन्य उद्योगों के हितधारक शामिल होंगे ( जैसे कि तमिलनाडु सरकार और नैसकॉम) द्वारा इन कम्पनियों का चयन किया जायेगा।

 

3) भारतीय सेना द्वारा कश्मीर में भूमि के एक बड़े हिस्से को खाली करने की सहमति:

विवरण:

  • एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, गुरुवार को भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर के नागरिक बस्तियों के करीब अपने कब्जे की भूमि का   विशाल भाग खाली करने का फैसला किया। और इसे राज्य सरकार के सुपुर्द कर दिया।
  • एक जारी किये गए आधिकारिक बयान के तहत गुरुवार को राजभवन में उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल डी.एस. हुड्डा के साथ “व्यापक विचार विमर्श” में राज्यपाल एन.एन. वोहरा ने सेना से संबंधित सभी भूमि संबध्द मामलों पर सिविल सैन्य सम्पर्क सम्मेलन में लिए गए निर्णयों के कार्यान्वयन की समीक्षा की।
  • यह सहमति हुई कि उत्तरी कमान द्वारा, जम्मू विश्वविद्यालय परिसर से सटी30 एकड़ जमीन, श्रीनगर में टैटू ग्राउंड पर 212 एकड़ जमीन, अनंतनाग में उच्च आधार पर 456.60 नहरें एवं कारगिल में निचले खुरबा थांग में कब्ज़ा की गई भूमि को राज्य सरकार के सुपुर्द कर दिया जायेगा।

 

4) भारतीय रेल मंत्रालय ने रेलवे परिचालन के प्रोत्साहन हेतु प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए:

विवरण:

  • मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग और अन्य उपयोगों में रिमोट सेंसिंग के लिए रिमोट सेंसिंग और भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) के विकास के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के साथ भारतीय रेल मंत्रालय ने एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
  • भू-स्थानिक और शासन के विभिन्न क्षेत्रों में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के बढ़ते उपयोग के संबंध में अपने बजट घोषणा में रेल मंत्री के विशेष उल्लेख के बाद, जीआईएस आधारित शासन अनुप्रयोग एवं रिमोट सेंसिंग में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग के लिए, समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
  • समझौता ज्ञापन का उद्देश्य, रेलवे के  विभिन्न क्षेत्रों में  विश्वसनीय, कुशल और इष्टतम समाधान प्रदान करने हेतु सभी भू-स्थानिक समाधान अनुकूलित सॉफ्टवेयर समाधान समेत मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग और अन्य उपयोगों में रिमोट सेंसिंग के लिए रिमोट सेंसिंग और भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) के क्षेत्र में अनुप्रयोगों का विकास  करना है, ताकि रेल उपयोगकर्तओं  को लाभ मिल सके।

 

5) उत्तर कोरिया ने संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध की अनदेखी करते हुए समुद्र में बैलिस्टिक मिसाइल दागी।

विवरण:

  • उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग द्वारा एक लंबी दूरी की परमाणु मिसाइल (जोकि अमेरिका की मुख्य तक पहुंचने में सक्षम है) के अपने लक्ष्य से जुड़े शस्त्र परीक्षण का आदेश देने के कुछ दिनों के बाद  सियोल और वाशिंगटन के अधिकारियों ने बताया कि उत्तर कोरिया ने शुक्रवार को समुद्र में एक मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल फायरिंग करके संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों को नजरअंदाज किया है।
  • दक्षिण कोरिया के स्टाफ संयुक्त कमान ने एक बयान में कहा है कि मिसाइल को  प्योंगयांग के उत्तर में एक स्थान  से छोड़ा गया था एवं उत्तर पूर्वी तट पर दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले मिसाइल ने लगभग 800 किलोमीटर (500 मील) की  उड़ान भरी। एक दक्षिण कोरियाई रक्षा अधिकारी ने, विभाग के नियमों का हवाला देते हुए पहचान न छापने की शर्त पर बताया कि हालाँकि इससे पहले अप्रैल 2014 में उत्तर कोरिया द्वारा दो और मिसाइल छोड़ी गई हैं परन्तु यह उत्तर कोरिया द्वारा छोड़ी गई मध्यम दूरी की पहली मिसाइल है।
  • एक वरिष्ठ अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने बताया कि मिसाइल एक रोडोंग (Rodong) प्रकार की है जिसे रोड मोबाइल लांचर से दागा गया है। अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उक्त परीक्षण ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के कई ऐसे प्रस्तावों का  उल्लंघन किया है जो कि उत्तर कोरिया को किसी भी बैलिस्टिक और परमाणु गतिविधियों में शामिल होने पर प्रतिबंध लगते हैं।