नवीनतम करंट अफेयर्स 17 दिसम्बर 2015

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सिंगापुर के 6 सेटेलाइट को ले गया पीएसएलवी-सी29

सिंगापुर के 6 सेटेलाइट को ले गया

  • भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बुधवार शाम छह बजे सिंगापुर के छह सेटेलाइटों के साथ पोलर सेटेलाइट लांच व्हीकल (पीएसएलवी-सी29) रॉकेट का प्रक्षेपण किया। प्रक्षेपण आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी) से किया गया।अंतरिक्ष केंद्र के अधिकारियों के मुताबिक, रॉकेट के साथ भेजे गए सेटेलाइटों में सर्वाधिक वजनी पृथ्वी की निगरानी करने वाला ‘टेलीयॉस’ सेटेलाइट (400 किलोग्राम) है।
  • इसी वजह से इसरो ने इस मिशन का नाम ‘टेलीयॉस’ दिया। अन्य पांच सेटेलाइटों में वेलीयॉक्स-सी 1, वेलीयॉक्स-2, केंट रिज-1, गैलेसिया और एथेनोसैट-1 शामिल हैं। इसरो की इस सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संगठन के वैज्ञानिकों को बधाई दी। उन्होंने ट्वीट किया, ‘हमारे वैज्ञानिकों ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। सिंगापुर के छह सेटेलाइटों के साथ पीएसएलवी-सी29 की सफल लांचिंग पर आप सभी को बधाई।’ एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, ‘भारत व सिंगापुर के संबंधों के 50 साल होने के अवसर पर यह लांचिंग, महत्वपूर्ण है। सिंगापुर के साथ मजबूत संबंधों को भारत संजोये रखना चाहता है।”

स्विस बैंकों के 2,600 खातों का खुलासा, 4 भारतीयों के भी नाम

स्विस बैंकों के 2,600 खातों का खुलासा, 4 भारतीयों के भी नाम

  • स्विट्जरलैंड ने 2,600 निष्क्रिय पड़े बैंक खातों और 80 सेफ डिपॉजिट बॉक्सों की जानकारी उजागर की कर दी है। इनमें छह खाते भारतीयों के हैं। इन खातों में 4 करोड़ स्विस फ्रैंक (करीब 300 करोड़ रुपये) जमा हैं। भारतीयों के खातों में जमा राशि का ब्योरा नहीं दिया गया है। यह पहला मौका है, जब स्विट्जरलैंड ने बंद पडे़ खाताधारकों की सूची जारी की है। साथ ही उनके वारिसों को जमा राशि के दावे का मौका दिया है।स्विस सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार छह भारतीयों में से चार के पते भारत के बताए गए हैं।
  • इनमें पियरे वाचेक, चारलोट स्पेंसर और रोजमैरी बर्नेट मुंबई में रहती हैं। तीनों महिलाएं विदेशी मूल की हैं। चौथे व्यक्ति बहादुर चंद्र सिंह का पता देहरादून का है। डॉ. मोहनलाल पेरिस में रहते हैं। वहीं चौथे व्यक्ति किशोर लाल का पता नहीं दिया गया है।
  • वारिसस्विस बैंकिंग लोकपाल व स्विस बैंकर्स एसोसिएशन (एसबीए) द्वारा जारी सूची के साथ खाताधारकों के परिजनों व वारिसों को एक से पांच साल में दावा पेश करने को कहा गया है। स्विट्जरलैंड ने बंद पडे़ खाताधारकों की सूची जारी कर उनके वारिसों को जमा राशि के दावे का मौका दिया है। इनमें वे खाते शामिल हैं, जिनमें कम से कम 500 स्विस फ्रेंक्स जमा हैं और जो 60 साल से बगैर दावों के पड़े हैं। 2600 नामों की सूची में सर्वाधिक स्विट्जरलैंड के ही हैं। इसके अलावा जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन, अमेरिका, तुर्की, ऑस्टि्रया और अन्य देशों के हैं।

रेवा खेत्रपाल बनीं दिल्ली की लोकायुक्त, उपराज्यपाल ने दिलाई शपथ

रेवा खेत्रपाल बनीं दिल्ली की लोकायुक्त, उपराज्यपाल ने दिलाई शपथ

  • 2013 से दिल्ली के लोकायुक्त का पद खाली पड़ा है। कुछ दिन पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता ब्रिजेंद्र गुप्ता के बीच बैठक के बाद रेवा खेत्रपाल के नाम पर सहमति बनी थी। रेवा को उपराज्यपाल नजीब जंग ने पद की शपथ दिलाई है।
  • हालांकि दिल्ली के लोकायुक्त पद पर दो अन्य नाम ओडिशा उच्च न्यायालय के सेवानिवृत मुख्य न्यायाधीश बिलाल नजकी और पंजाब- हरियाणा उच्च न्यायालय के सेवानिवृत न्यायाधीश जसबीर सिंह के नाम पर भी विचार किया गया था।
  • रेवा का जन्म शिमला में हुआ उनकी पढ़ाई-लिखाई दिल्ली में हुई। मिरांडा हाउस से ग्रेजुएशन के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से उन्होंने लॉ की डिग्री हासिल की।

रिजर्व बैंक भी RTI के तहत सूचना देने के लिए जवाबदेह : सुप्रीम कोर्ट

रिजर्व बैंक भी RTI के तहत सू

  • सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को व्यवस्था दी कि भारतीय रिजर्व बैंक को उन बैंकों तथा वित्तीय संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए जो ‘बदनामी वाले कारोबारी व्यवहार’ में संलिप्त हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह सूचना के अधिकार कानून के दायरे में आने वाले मामलों और बकाएदारों से संबंधित सूचनाएं रोक नहीं सकता है।
  • न्यायमूर्ति एम.वाई. इकबाल और न्यायमूर्ति सी. नागप्पन की पीठ ने कहा कि हमारा अनुमान है कि अनेक वित्तीय संस्थाएं ऐसा कृत्य कर रही हैं जो न तो साफ-सुथरा है और न ही पारदर्शी है।
  • रिजर्व बैंक इनके साथ मिलकर उनके कृत्यों को जनता की नजरों से बचाने की कोशिश कर रहा है। कोर्ट ने कहा कि यह रिजर्व बैंक की जिम्मेदारी है कि वह उन बैंकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करे जो इस तरह के अशोभनीय कारोबारी व्यवहार कर रही हैं।
  • शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि भारतीय रिजर्व बैंक वित्तीय संस्थाओं के साथ गोपनीयता या विश्वास की ‘आड़’ में सूचना देने से इंकार नहीं कर सकता है और आम जनता द्वारा मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराने के लिए जवाबदेह है।
  • पीठ ने कहा कि रिजर्व बैंक और दूसरे बैंकों ने ‘विश्वास के रिश्ते’ और ‘आर्थिक हितों’ की दुहाई देते हुए अपेक्षित सूचना उपलब्ध कराने की जनता की मांग को दरकिनार किया है। रिजर्व बैंक का यह रवैया उनमें और अधिक संदेह तथा अविश्वास को ही जन्म देगा। नियामक प्राधिकरण के रूप में रिजर्व बैंक को बैंकों को उनके कृत्यों के लिए जवाबदेह बनाना चाहिए।
  • कोर्ट ने कहा कि सूचना के अधिकार कानून की धारा 2(एफ) के अंतर्गत स्पष्ट प्रावधान है कि निरीक्षण रिपोर्ट और दस्तावेज ‘सूचना’ के दायरे में आते हैं जो सार्वजनिक प्राधिकार (रिजर्व बैंक) निजी संस्था से प्राप्त करती है।
  • शीर्ष अदालत ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक का यह कर्तव्य आमतौर पर जनहित को बनाए रखना है। सूचना के अधिकार के प्रावधानों का पालन करना तथा जनता द्वारा मांगी गई सूचना उपलब्ध कराना उसका कर्तव्य है।
  • कोर्ट ने सूचना के अधिकार कानून के तहत भारतीय रिजर्व बैंक को आवेदकों को अपेक्षित सूचनाएं उपलब्ध कराने संबंधी केंद्रीय सूचना आयोग के निर्देश को लेकर विभिन्न हाई कोर्ट से स्थानांतरित की गई याचिकाओं पर यह फैसला सुनाया।

BCCI ने विश्व कप में टीम के ‘अतिरिक्त खिलाड़ी’ के लिए ICC को 2 करोड़ चुकाए

BCCI ने विश्व कप में टीम के '

  • बीसीसीआई ने इस साल विश्व कप में ‘अतिरिक्त टीम सदस्यों’ को भारतीय टीम में रखने के लिये अलग अलग तरह के खर्चों के तहत आईसीसी को लगभग 4 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में खेले गये विश्व कप के दौरान मुंबई के तेज गेंदबाज धवल कुलकर्णी अतिरिक्त सदस्यों में शामिल थे। आईसीसी के नियमों के अनुसार विश्व कप टूर्नामेंट में खिलाड़ियों के तौर पर केवल 15 सदस्यों को ही टीम में रहने की अनुमति दी जाती है।
  • उस वक्त की खबरों के अनुसार भारत ने विश्व कप से पहले खेली गई त्रिकोणीय श्रृंखला के समापन पर तेज गेंदबाज कुलकर्णी को टीम प्रबंधन के सदस्य के रूप में टीम से जोड़े रखा था। बीसीसीआई वेबसाइट की जानकारी के मुताबिक लगभग 3 लाख 70 हज़ार की राशि को 791 रूपये प्रति डालर की दर से रुपए में बदला गया जो 2 लाख 43 हज़ार होती है।
  • आईसीसी विश्व कप 2015 के दौरान अतिरिक्त टीम सदस्य के हवाई खर्चे, ठहरने और बाकी सुविधाओं के लिये इतनी धनराशि का भुगतान आईसीसी को किया गया। ’यह जानकारी बीसीसीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर 25 लाख रूपये से अधिक भुगतान के उप शीषर्क के साथ दी गयी है।
  • बीसीसीआई ने इसके अलावा आईपीएल 2015 में एसीएसयू की सेवाओं के लिये आईसीसी को 3,80,000 डालर यानि 2,49,56,500 रूपये का भुगतान किया। बोर्ड ने इसके अलावा बुनियादी ढांचे में सब्सिडी की प्रतिपूर्ति के तहत महाराष्ट्र क्रिकेट संघ को 20 करोड़ रूपये और कर्नाटक क्रिकेट संघ को 67 लाख रूपये का भुगतान किया।
  • इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पूर्व कमिश्‍नर ललित मोदी फिर से राजस्‍थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) के अध्‍यक्ष बन गए हैं। आरसीए से संबद्ध 15 जिलों की ओर से अविश्‍वास प्रस्‍ताव वापस लिए जाने के बाद उनकी पुनर्वापसी का रास्‍ता साफ हुआ है।
  • अविश्वास प्रस्ताव की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश ज्ञानसुधा मिश्रा को नियुक्त किया था। इस पर आपत्तियों की सुनवाई का मंगलवार को पहला दिन था। इससे पहले कि सभी जिला संघों की आपत्तियां सुनने के बाद उस पर मतदान होता, पठान ने अविश्वास प्रस्ताव से हाथ खींच लिए। इसके साथ ही मोदी की ताजपोशी का रास्‍ता साफ हो गया। बुधवार को सुनवाई के दौरान किसी भी मोदी के नाम पर ऐतराज नहीं किया। इसके बाद अदालत की ओर से तय पर्यवेक्षक ने मोदी को बहाल कर दिया।
  • आरसीए में सत्‍ता संघर्ष पिछले दो साल में उतार-चढ़ाव से भरपूर रहा है। नौ माह पहले भाजपा नेता और आरसीए उपाध्‍यक्ष अमीन पठान ने ललित मोदी और उनके धड़े के खिलाफ अविश्‍वास प्रस्‍ताव लाया था। पठान ने अपने साथ 15 जिलों का समर्थन होने का दावा किया था, लेकिन स्थिति में नाटकीय मोड़ तब आया जब इस धड़े ने अविश्‍वास प्रस्‍ताव वापस ले लिया। हालांकि पठान ने कहा है कि उन्‍होंने राजस्‍थान के क्रिकेट के हित में अविश्‍वास प्रस्‍ताव वापस लिया है, लेकिन इस मामले में उन पर राजनीतिक दबाव होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
  • गौरतलब है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के ओर से गठित एडहॉक कमेटी राजस्‍थान के क्रिकेट संबंधी मामलों को देख रही थी। बुधवार के घटनाक्रम से पहले पठान आरसीए के कार्यकारी अध्‍यक्ष के तौर पर कामकाज देख रहे थे।

GST को सभी राजनीतिक दलों को स्वीकार करना चाहिएः अरुण जेटली

ST को सभी राजनीतिक दलों को स्वीकार करना चाहिएः अरुण जेटली

  • वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज यहां कहा कि जीएसटी को रोकने का अधिकार किसी को नहीं है। क्योंकि यह भारत के विकास से जुड़ा है। यह एक विचार है जिसे सभी राजनीतिक पार्टियों को स्वीकार करना चाहिए। वे यहां जीएसटी इन इंडिया परिचर्चा में भाग ले रहे हैं।
  • उन्होने कहा कि दुनिया भर में मंदी छाने के बावजूद प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं वाले हम संभवतः इकलौते देश हैं जिसने अपने ग्रोथ को बरकरार रखा है। जबकि हमारे यहां पिछले दो सालों से मॉनसून भी सामान्य से कम रहा है जिसका असर ग्रोथ पर पड़ा है। लेकिन इसके बावजूद भारत विकास की ओर अग्रसर है।
  • उन्होंने कहा कि आनेवाले कुछ महीनों में या कहें कि अगले साल में मैं उम्मीद करता हूं कि हम जीएसटी को लागू कर पाएंगे। जेटली ने कहा कि सरकार का जोर बुनियादी संरचनाओं पर निवेश बढ़ाने का हैं और इस पर लगातार ज्यादा से ज्यादा निवेश किया जाएगा।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने 7 साल में पहली बार बढ़ाईं ब्याज दरें

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने 7 साल में पहली बार बढ़ाईं ब्याज दरें

  • अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने करीब सात सालों की रिकॉर्ड गिरावट के बाद ब्याज दरों में इजाफा किया है। लेकिन इससे संकेत मिल रहे हैं कि अर्थव्यवस्था के और मजबूत होने और मुद्रास्फीति में बढ़ोत्तरी से भविष्य में ब्याज दरों में इजाफे काफी धीमी रफ्तार से होने की संभावना है।
  • फेडरल रिजर्व ने अपनी प्रमुख दर में 25 फीसदी का इजाफा कर इसे 0.5 फीसदी कर दिया है। इससे पहले करीब सात साल तक यह दर शून्य के करीब थी, जिसकी शुरुआत 2008 के वित्तीय संकट के समय हुई थी। दर में किए गए इस इजाफे से उपभोक्ताओं और व्यापारिक संस्थाओं को कुछ कर्ज पर थोड़ी ज्यादा दरें चुकानी पड़ सकती हैं।
  • भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने पिछले शुक्रवार को ही कहा था कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व अगले सप्ताह अपनी प्रमुख ब्याज दरों वृद्धि कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा था कि हम फेडरल रिजर्व के इस फैसले से उत्पन्न किसी भी स्थिति से निपटने को तैयार हैं। राजन ने कहा था, ‘फेड ने जमीन तैयार कर दी है और हमें लग रहा है कि वह नीतिगत ब्याज दर में 01 प्रतिशत से 0.25 प्रतिशत की वृद्धि करेगा।’ बता दें कि ब्याज दरों में वृद्धि उम्मीद से ज्यादा ही की गई है।