नवीनतम करंट अफेयर्स 22 दिसम्बर 2015

0
143

सरकार जनवरी में जारी करेगी नई रक्षा खरीद प्रक्रिया

सरकार जनवरी में जारी करेगी नई रक्षा खरीद प्रक्रिया

  • केंद्र सरकार जनवरी तक नई रक्षा खरीद प्रक्रिया जारी कर देगी। यह मेक इन इंडिया के सिद्धांतों पर केंद्रित होगी। रक्षा मंत्रालय ने खरीद प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए नया वेबसाइट भी लांच किया है।
  • रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने सोमवार को कहा कि सशस्त्र बलों को अत्याधुनिक उपकरण मुहैया कराने से ज्यादा महत्वपूर्ण खरीद प्रक्रिया हो चुकी है। उनके मुताबिक रक्षा खरीद परिषद दिसंबर के आखिरी या जनवरी के पहले सप्ताह में बैठक कर खरीद प्रक्रिया को अंतिम रूप देगी।
  • इसके तहत 40 फीसद खरीद को मेक इन इंडिया के अंतर्गत करने का लक्ष्य निर्धारित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया से जुड़ी स्थितियां अब बदल रही हैं और सरकार पारदर्शिता के साथ समान अवसर मुहैया कराने की ओर अग्रसर है।
  • रक्षामंत्री के मुताबिक रक्षा उद्योग से जुड़े लोग वेबसाइट पर न केवल सूचनाएं हासिल कर सकेंगे, बल्कि सवाल भी पूछ सकेंगे। उन्हें तीन दिनों के अंदर जवाब मिलेगा।

हाईड्रीसिटीसे चौबीसों घंटे बिजली

'हाईड्रीसिटी' से चौबीसों घंटे बिजली

 

  • वैज्ञानिकों ने ऐसा मॉडल बनाया है, जिससे चौबीसों घंटे बिजली की आपूर्ति संभव हो सकेगी। इसे ‘हाईड्रीसिटी’ नाम दिया गया है। खास बात यह है कि इससे ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन भी नहीं होगा। मॉडल का विचार देने वाले दल में भारतीय मूल के वैज्ञानिक भी शामिल हैं।
  • अमेरिकी विश्र्वविद्यालय पुर्दू के वैज्ञानिक राकेश अग्रवाल के अनुसार ‘हाईड्रीसिटी’ के तहत सौर ऊर्जा से न केवल बिजली पैदा की जा सकेगी, बल्कि गर्म जल से हाइड्रोजन का उत्पादन व संग्रह भी संभव हो सकेगा। सौर पैनल के जरिये पैदा उच्च तापमान के जरिये पानी को गर्म कर उसके जरिये बिजली का उत्पादन करने वाले वाष्प टरबाइनों को संचालित किया जाएगा।
  • इससे तैयार रिएक्टर से पानी से हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को अलग करना संभव होगा। संग्रहित हाइड्रोजन का इस्तेमाल रात में पानी को गर्म कर वाष्प से चलने वाले टरबाइनों को संचालित किया जा सकेगा। जब तक टरबाइन चलेंगे बिजली का उत्पादन होता रहेगा।
  • इसके लिए पानी को एक हजार से 13 सौ सेल्सियस उच्च तापमान पर गर्म किया जाएगा। निरंतर उत्पादन प्रक्रिया के तहत दिन में जहां सौर ऊर्जा से बिजली का उत्पादन होगा, हाइड्रोजन व ऑक्सीजन का संग्रह होगा,वहीं रात में टरबाइन आधारित हाईड्रोजन पॉवर उत्पादन की प्रक्रिया चलेगी।

एक जनवरी से चीन में दो बच्चे का कानून लागू

एक जनवरी से चीन में दो बच्चे का कानून

  • दुनिया में सबसे ज्यादा आबादी वाला देश चीन अपनी विवादास्पद परिवार नियोजन नीति में संशोधन के लिए तैयार है। ‘एक परिवार, दो बच्चा’ की नीति को एक जनवरी, 2016 से कानूनी रूप देनी की तैयारी है। गौरतलब है कि साढ़े तीन दशक से ज्यादा समय से चल रही एक बच्चे की नीति को चीन ने हाल ही में खत्म करने का फैसला लिया था।
  • रिपोर्ट के मुताबिक, नेशनल पीपुल्स कांग्रेस की स्थायी समिति के द्वि-मासिक सत्र में संशोधन ड्राफ्ट पेश किया गया है। एक दंपति के लिए दो बच्चों की नीति पर सरकार में सहमति बन चुकी है। नया कानून एक जनवरी 2016 से लागू होने की उम्मीद है। अक्टूबर में सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति ने ‘एक परिवार, एक बच्चा’ की नीति के स्थान पर दो बच्चे की नीति पर आगे बढ़ने का फैसला लिया था। इस फैसले के बाद यह ड्राफ्ट तैयार किया गया है।
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार नियोजन आयोग के प्रमुख ली बिन ने कहा कि यह फैसला तेजी से बुजुर्ग हो रही देश की आबादी में संतुलन के लिए लिया गया है। फैसले को लागू करने के लिए परिवार नियोजन कानून में संशोधन करना होगा। अभी के कानून में एक बच्चे की नीति पर चलने वाले दंपति को कई तरह के प्रोत्साहन दिए जाते हैं। नई नीति के आने के बाद भी वर्तमान ‘एक बच्चा नीति’ के तहत परिवार नियोजन अपना चुके लोगों को मिलने वाले लाभ पर प्रभाव नहीं पड़ेगा।

फीफा ने सैप ब्लाटर और माइकल प्लातिनी पर आठ साल का प्रतिबंध लगाया

फीफा ने सैप ब्लाटर और माइकल प्ला

  • विवादों में घिरे फीफा के एक नैतिक पंचाट ने सोमवार को सेप ब्लाटर और माइकल प्लातिनी पर यह कहकर आठ साल का प्रतिबंध लगा दिया कि उन्होंने प्लातिनी को 20 लाख स्विस फ्रैंक्स के भुगतान के मामले में अपने पदों का दुरुपयोग किया था।
  • विश्व फुटबॉल के दो सबसे शक्तिशाली व्यक्तियों के खिलाफ इस फैसले से दुनिया के इस सबसे लोकप्रिय खेल में चल रहा गोरखधंधा फिर सुखिर्यों में आ गया।
  • ब्लाटर और प्लातिनी को हर तरह की फुटबॉल गतिविधि से तुरंत प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया गया। 79 बरस के ब्लाटर का करियर इससे लगभग खत्म हो गया, जबकि अगला फीफा अध्यक्ष बनने की प्लातिनी की उम्मीदों पर भी लगभग पानी फिर गया।
  • फीफा की 1998 से कमान संभाल रहे ब्लाटर पर 50,000 स्विस फ्रैंक्स और यूएफा के निलंबित प्रमुख तथा फीफा उपाध्यक्ष प्लातिनी पर 80,000 फ्रैंक्स का जुर्माना लगाया गया। अदालत द्वारा जारी बयान में कहा गया कि दोनों ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया।
  • फीफा 2011 में प्लातिनी को ब्लाटर द्वारा अधिकृत 20 लाख स्विस फ्रैंक्स के भुगतान की जांच कर रहा था। उन्होंने कहा कि यह बतौर सलाहकार 1999 से 2002 तक उनके काम की एवज में दिए गए थे। फीफा की अदालत ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप खारिज कर दिया, लेकिन उन्हें हितों के टकराव का दोषी पाया। इसने कहा, ना तो लिखित बयान में और ना ही सुनवाई के दौरान ब्लाटर इस भुगतान का कोई वैधानिक आधार बता सके।
  • प्लातिनी को भी हितों के टकराव का दोषी पाया गया। अदालत ने कहा, प्लातिनी पूरी विश्वसनीयता और नैतिकता के साथ काम करने में नाकाम रहे। वह अपने फर्ज के प्रति लापरवाह रहे। वह फीफा के नियामक ढांचे और कानून का सम्मान करने में विफल रहे। ब्लाटर और प्लातिनी को अक्टूबर में अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया गया था, जब स्विस अभियोजकों ने 2011 में धन के हस्तांतरण की आपराधिक जांच शुरू की थी। ब्लाटर के खिलाफ आपराधिक जांच चल रही है, जबकि प्लातिनी संदिग्ध और गवाह के बीच में हैं। दोनों ने कुछ गलत करने से इनकार किया है। ब्लाटर ने पिछले गुरुवार फीफा मुख्यालय में आठ घंटे सुनवाई में भाग लिया, जबकि प्लातिनी ने इसका बहिष्कार किया था।
  • चार साल पहले किए गए भुगतान के समय ब्लाटर चौथी बार फीफा अध्यक्ष का चुनाव लड़ रहे थे और प्लातिनी ने बाद में उनका समर्थन किया था, लेकिन फिर वह उनके खिलाफ हो गए थे। ब्लाटर और प्लातिनी फीफा के अपीली पंचाट, खेल पंचाट या स्विस सिविल कोर्ट में किसी भी प्रतिबंध को चुनौती दे सकते हैं। ब्लाटर अपने सम्मान के लिए लड़ेंगे, जबकि प्लातिनी की फीफा अध्यक्ष बनने की उम्मीदों पर इस प्रतिबंध ने पानी फेर दिया है।

न्यूजीलैंड टीम के कप्तान ब्रैंडन मैक्कलम ने किया संन्यास का ऐलान, नहीं खेलेंगे टी-20 वर्ल्ड कप

न्यूजीलैंड टीम के कप्तान ब्रैंडन मैक्कलम ने किया संन्यास का ऐलान, नहीं खेलेंगे टी-20 वर्ल्ड कप

  • न्यूज़ीलैंड टीम के कप्तान ब्रैंडन मैक्कलम फरवरी 2016 में क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लेंगे। इस बात का ऐलान मैक्कलम ने खुद किया। ऑस्ट्रेलिया की टीम जब अगले साल न्यूज़ीलैंड के दौरे पर होगी तभी मैक्कलम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लेंगे।
  • 34 साल के इस खिलाड़ी ने यह भी ऐलान किया कि वह मार्च में होने वाले विश्व टी-20 का हिस्सा नहीं होंगे। अपने डेब्यू से लेकर अब तक लगातार 99 टेस्ट मैच खेलने का रिकॉर्ड रखने वाले मैक्कलम ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने 100वें टेस्ट मैच में इस बात का ऐलान करना चाहते थे, लेकिन कुछ ही दिनों में टी-20 के लिए न्यूज़ीलैंड टीम का ऐलान होने वाला है और वह किसी अन्य खिलाड़ी की जगह नहीं रोकना चाहते। 20 फरवरी से क्राइस्टचर्च में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वह अपने करियर का आखिरी टेस्ट मैच खेलने उतरेंगे।

सरकार ने दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए टॉल फ्री ‘आईवे नेशनल हेल्पडेस्क’ आरंभ किया 

सरकार-ने-दृष्टिबाधित-व्यक्तियों-के-लिए-टॉल-फ्री-‘आईवे-नेशनल-हेल्पडेस्क
Blind students take part in 203rd Birth Anniversary celebrations of Louie Braille, organised by National Federation of the Blind, at Central College, in Bangalore on Wednesday. –KPN
  • नि:शक्तजन अधिकारिता विभाग के सचिव लव वर्मा द्वारा 21 दिसंबर 2015 को नई दिल्ली स्थित पर्यावरण भवन में दृष्टिहीन तथा दृष्टिबाधित लोगों के लिए ‘आईवे नेशनल हेल्पडेस्क ’आरंभ किया गया।
  • आईवे नेशनल हेल्पडेस्क एसेल फाउंडेशन, टेक महिंद्रा फाउंडेशन तथा हैन्स फाउंडेशन जैसे संगठनों के समर्थन से स्कोर फाउंडेशन की पहल है. अब भारत के दृष्टि बाधित नागरिक टॉल फ्री नंबर 1800-300-20469 पर आईवे नेशनल हेल्पडेस्क को कॉल करके अपनी सूचनाओं का जवाब प्राप्त कर सकते हैं. इस प्लेटफ़ॉर्म पर प्रशिक्षित काउंसलर सूचना साझा करेंगे और प्रसांगिक पेशेवर समाधान के साथ कॉलर से जुडेंगे।
  • नि:शक्तजन अधिकारिता विभाग के सचिव लव वर्मा द्वारा 21 दिसंबर 2015 को नई दिल्ली स्थित पर्यावरण भवन में दृष्टिहीन तथा दृष्टिबाधित लोगों के लिए ‘आईवे नेशनल हेल्पडेस्क ’आरंभ किया गया।
  • आईवे नेशनल हेल्पडेस्क एसेल फाउंडेशन, टेक महिंद्रा फाउंडेशन तथा हैन्स फाउंडेशन जैसे संगठनों के समर्थन से स्कोर फाउंडेशन की पहल है. अब भारत के दृष्टि बाधित नागरिक टॉल फ्री नंबर 1800-300-20469 पर आईवे नेशनल हेल्पडेस्क को कॉल करके अपनी सूचनाओं का जवाब प्राप्त कर सकते हैं. इस प्लेटफ़ॉर्म पर प्रशिक्षित काउंसलर सूचना साझा करेंगे और प्रसांगिक पेशेवर समाधान के साथ कॉलर से जुडेंगे।

22 दिसंबर को राष्ट्रीय गणित दिवसके रूप में मनाया गया

22 दिसंबर को ‘राष्ट्रीय गणि

  • भारत में प्रत्येक वर्ष 22 दिसम्बर को महान गणितज्ञ श्रीनिवास अयंगर रामानुजन की स्मृति में ‘राष्ट्रीय गणित दिवस’ के रूप में मनाया जाता है । इस वर्ष भी 22 दिसंबर 2015 को ‘राष्ट्रीय गणित दिवस’ (National Mathematics Day) के रूप में मनाया गया।
  • भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने 22 दिसंबर 2012 को चेन्नई में महान गणितज्ञ श्रीनिवास अयंगर रामानुजन की 125वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में श्रीनिवास रामानुजम को श्रद्धांजलि देते हुए वर्ष 2012 को राष्ट्रीय गणित वर्ष एवं रामानुजन के जन्मदिन 22 दिसंबर को राष्ट्रीय गणित दिवस घोषित किया था।
  • श्रीनिवास रामानुजन का जन्म 22 दिसम्बर 1887 को मद्रास से 400 किलोमीटर दूर ईरोड नगर में हुआ था।  इनकी गणना आधुनिक भारत के उन व्यक्तितत्चों में की जाती है, जिन्होंने विश्व में नए ज्ञान को पाने और खोज़ने की पहल की।
  • रामानुजन की आरम्मभिक शिक्षा कुम्भकोणम के प्राइमरी स्कूल में हुई। उसके बाद से वर्ष 1898 में उन्होंने टाउन हाई स्कूल में प्रवेश लिया और सभी विषयों में बहुत अच्छे अंक प्राप्त किए।यहीं पर रामानुजन को जी. एस. कार की गणित पर लिखी पुस्तक पढ़ने का अवसर मिला।इसी पुस्तक से प्रभावित हो उनकी रूचि गणित में बढ़ने लगी और उन्होंने गणित पर कार्य करना प्रारंभ कर दिया।युवा होने पर घर की आर्थिक आवश्यकताओं की आपूर्ति हेतु रामानुजन ने क्लर्क की नौकरी कर ली, जहां वह अक्सर खाली पन्नों पर गणित के प्रश्न हल किया करते थे। एक दिन एक अँग्रेज़ की नजर इन पन्नों पर पड़ गई जिसने निजी रूचि लेकर उन्हें ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के प्रो. हार्डी के पास भेजने का प्रबंध कर दिया।प्रो. हार्डी ने उनमें छिपी प्रतिभा को पहचाना जिसके बाद उनकी ख्याति विश्व भर में फैल गई। इनकी गणित के क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका है ।
  • श्रीनिवास रामानुजन के गणित पर लिखे लेख तत्कालीन समय की सर्वोत्तम विज्ञान पत्रिका मं प्रकाशित होते थे। अथक परिश्रम के कारण रामानुजन अस्वास्थ्य रहने लगे और मात्र 32 वर्ष की आयु में ही उनका भारत में निधन हो गया।उनके निधन के पश्चात् उनकी 5000 से अधिक प्रमेयों (थ्योरम्स) को छपवाया गया और उनमें से अधिकतर को कई दशक बाद तक सुलझाया नहीं जा सका। रामानुजन की गणित में की गई अदभुत खोजें आज के आधुनिक गणित और विज्ञान की आधारशीला बनी।संख्या-सिद्धान्त पर रामानुजन अद्भुत कार्य के लिए उन्हें ‘संख्याओं का जादूगर’ माना जाता है। रामानुजन को “गणितज्ञों का गणितज्ञ” भी कहा जाता है।

राज्यसभा ने अनुसूचित जाति और जनजाति (अत्याचार निवारण) संशोधन अधिनियम- 2015 पारित किया

ज्यसभा द्वारा अनुसूचित

राज्य सभा ने अनुसूचित जाति और जनजाति (अत्याचार निवारण) संशोधन अधिनियम, 2015 पारित किया। जिसका एक मात्र लक्ष्य अनुसूचित जाति और जनजाति विधेयक 1989 में आवश्यक बदलाव करना हैं ।

इस अधिनियम  के अंर्तगत अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों पर किये जाने वाले अत्याचारों की कुछ अन्य श्रेणियां भी जोड़ी गयी हैं। जो कि इस प्रकार है-

  • किसी भी अनुसूचित जाति व जनजाति के व्यक्ति को जबरदस्ती किसी प्रत्याशी के पक्ष अथवा विपक्ष में मत डालने पर मजबूर करना।
  • किसी भी अनुसूचित जाति अथवा जनजाति के व्यक्ति की भूमि पर कब्जा करना।
  • किसी महिला को बिना उसकी स्वीकृति के हाथ लगाना।
  • अभद्र भाषा में महिला से बात करना।
  • किसी अनुसूचित जाति अथवा जनजाति की महिला को मंदिर में देवदासी बनाकर रखना
  • सार्वजानिक संपत्ति के संसाधनों को प्रयोग करने से रोकना
  • किसी मंदिर अथवा पूजा स्थल पर जाने से रोकना
  • किसी शिक्षण स्थल अथवा स्वास्थ्य केंद्र में जाने से रोकना

अधिनियम में संशोधित किए गए नये प्रावधान इस प्रकार हैं-

  • किसी भी अनुसूचित जाति अथवा जनजाति के व्यक्ति को जूतों की माला पहनाना
  • किसी भी अनुसूचित जाति अथवा जनजाति के व्यक्ति को मानवीय अथवा पशुओं के अवशेष को उठाने पर मजबूर करना अथवा हाथ से मल की सफाई करवाना
  • किसी भी अनुसूचित जाति अथवा जनजाति के व्यक्ति का सामाजिक या आर्थिक बहिष्कार करना
  • जाति का नाम लेकर उसे अपमानित करना
  • इस अधिनियम में यह भी कहा गया कि अगर किसी गैर अनुसूचित जाति या गैर अनुसूचित जनजाति से संबंधित लोक सेवकों द्वारा लापरवाही की जाती हैं तो इस अपराध के लिए उन्हें छह महीने से एक साल तक की कैद की सजा दी जाएगी