नवीनतम करंट अफेयर्स 21 दिसम्बर 2015

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संसद भवन का उद्घाटन करने के लिए अफगान यात्रा करेंगे पीएम मोदी

सद भवन का उद्घाटन करने के लिए अफगान यात्रा करेंगे पीएम मोदी

  • अफगानिस्तान में लोकतंत्र को भारत की प्रतीकात्मक भेंट, यहां का नया संसद भवन बनकर लगभग तैयार है। यह कोशिश हो रही है कि निकट भविष्य में इसका औपचारिक उद्घाटन करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काबुल आएं।
  • भारत सरकार ने युद्ध पीड़ित अफगानिस्तान से दोस्ती और एकजुटता दिखाने के लिए इस भवन को बनाने का काम साल 2007 में शुरू किया था। 31 दिसंबर तक इसे बनकर तैयार हो जाना है।
  • इसे नवंबर 2011 में ही बनकर तैयार होना था, लेकिन इसे बनाने की अंतिम तिथि तीन बार बढ़ानी पड़ी। ताजा समीक्षा में भारत के शहरी विकास विभाग के सचिव मधुसूदन प्रसाद और केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने पाया कि भवन का काम 96 फीसदी पूरा हो चुका है।
  • टीओएलओ न्यूज के मुताबिक, इस भवन के निर्माण पर 4 करोड़ 50 लाख डॉलर का खर्च आना था। लेकिन, बाद में यह बढ़कर 9 करोड़ डॉलर हो गया। इस भवन का डिजाइन मुगल और आधुनिक स्थापत्य कला पर आधारित है। इसका गुंबद एशिया का सबसे बड़ा गुंबद होगा।

तेल आयात पर बात करने चीन जाएंगे नेपाली उप-प्रधानमंत्री कमल थापा

तेल आयात पर बात कर

  • नेपाल के उप-प्रधानमंत्री कमल थापा इस सप्ताह चीन की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। इस दौरान वह तेल के आयात पर चर्चा करेंगे, क्योंकि पिछले चार महीने से मधेसी प्रदर्शनकारियों ने भारत-नेपाल सीमा के निकट व्यवसाय केंद्रों पर नाकेबंदी की हुई है।
  • विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता दीपक अधिकारी ने बताया कि थापा की एक सप्ताह की चीन यात्रा बुधवार से शुरू होगी। उन्होंने साथ ही कहा कि उनके साथ एक प्रतिनिधिमंडल भी जायेगा। थापा विदेश मंत्री भी हैं।
  • वह बीजिंग में 25 दिसंबर को अपने चीनी समकक्ष वांग यी से बातचीत करेंगे। हालांकि, चीन के उनके विस्तृत कार्यक्रम को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

चीन के शेंझेन में भूस्खलन के बाद मिट्टी में दबी इमारतें, 59 लोग लापता

चीन के शेंझेन में भूस्खलन के बाद मिट्टी में दबी इमारतें, 59 लोग लापता

  • चीन के सबसे विकसित शहरों में शामिल शेंझेन में एक पहाड़ से मिट्टी खिसकने पर एक औद्योगिक पार्क में हुए भीषण भूस्खलन में रविवार को 22 इमारतें दब गईं और कम से कम 59 लोग लापता बताए जा रहे हैं।
  • चीन की सबसे भीषण शहरी आपदाओं में शामिल इस घटना के बाद 14 लोगों को मिट्टी के नीचे से बाहर निकाला गया। इस आपदा ने दक्षिण चीन के नये औद्योगिक पार्क में एक बड़े इलाके को अपनी चपेट में ले लिया है। हादसे में तीन लोग घायल हुए हैं।
  • दमकलकर्मी, पुलिस और स्वास्थ्य कार्यकर्ता सहित 1500 से अधिक लोग बचाव कार्य में जुटे हुए हैं तथा मलबे में फंसे पीड़ितों की तलाश कर रहे हैं।
  • सरकारी सीसीटीवी की खबर के अनुसार, लापता हुए 59 लोगों में दादा और तीन बच्चे भी हैं। सबसे बड़े बच्चे की उम्र नौ साल जबकि सबसे छोटे की उम्र तीन साल है।
  • चीन के ट्विटर जैसे माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट ‘वेइबो’ पर जारी बयान में शेंझेन निकाय सरकार ने कहा कि भूस्खलन के कारण पास स्थित एक गैस स्टेशन में विस्फोट भी हो गया।
  • सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की खबर के अनुसार, सुबह 11 बजकर 40 मिनट पर हेंगताईयू औद्योगिक पार्क के भूस्खलन की चपेट में आने के बाद पश्चिम-से-पूर्व प्राकृतिक गैस पाइपलाइन में विस्फोट हुआ, जिसके कारण 1,00,000 वर्ग मीटर से ज्यादा जगह मलबे में दब गया। शाम तक 900 से अधिक लोगों को घटना स्थल से हटाया गया है।
  • सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय के अग्निशमन ब्यूरो के अनुसार, करीब 20,000 वर्ग मीटर का क्षेत्र मिट्टी से ढका हुआ है। शहर के अखबार डेली सनशाइन की खबर के मुताबिक शेंझेन में बारिश हुई जिसके चलते सड़कों और घटनास्थल पर मिट्टी गीली हो गई है।
  • भूस्खलन में कामगारों की दो डोरमेटरी सहित 22 इमारतें दब गयीं हैं। औद्योगिक पार्क के पास आवासीय क्षेत्र भी स्थित है। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और प्रधानमंत्री ली क्विंग ने फौरन बचाव कोशिशों का आदेश देते हुए कहा कि जान बचाने के लिए कोई कसर नहीं छूटे।
  • शी ने गुआंगदोंग और शेंझेग के अधिकारियों से कहा है कि वे जान के नुकसान को कम करने, घायलों के इलाज तथा पीड़ितों के परिवारों को दिलासा देने के लिए हर संभव उपाय करें।

अब यात्रियों के सुझाव से बनेगा रेल बजट

अब यात्रियों के सुझाव से बनेगा रेल बजट

  • ट्विटर पर गुहार के जरिये यात्रियों की मदद करने वाला भारतीय रेल मंत्रालय अब अपने वार्षिक बजट बनाने में भी आम जनता के ज्यादा सुझाव को शामिल करने की दिशा में आगे बढ़ गया है। उसने अगले रेल बजट के लिए लोगों से सुझाव मांगा है। यदि आप रेल सेवा में कोई बदलाव चाहते हैं या फिर रेल के बुनियादी ढांचे, परिचालन आदि को लेकर आपके पास कोई सुझाव है तो इसे मंत्रालय तक पहुंचा सकते हैं।संभव है कि आपकी मांग व सुझाव पर अमल हो जाए। इसके लिए आपके पास 15 जनवरी तक का समय है।
  • कोई भी व्यक्ति भारतीय रेल की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन सुझाव दे सकता है। इसके साथ ही डाक से भी सुझाव भेजने का भी विकल्प है। इसके लिए वेबसाइट से सुझाव फॉर्म डाउनलोड करना होगा। फॉर्म भरने के बाद रेलवे बोर्ड को पोस्ट करना होगा। लोगों से ट्रेन परिचालन, फुट ओवरब्रिज, रेल लाइन के विद्युतीकरण, रेल लाइन के दोहरीकरण, कंप्यूटराइजेशन सहित कुल 15 बिंदुओं पर सुझाव मांगे गए हैं।
  • इसके बाद रेल मंत्री सुरेश प्रभु और रेलवे अधिकारी इन सुझावों का अध्ययन कर इनको तामील करने पर फैसला लेंगे। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि रेल बजट को ज्यादा व्यवहारिक बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है ताकि यात्रियों को इसका लाभ मिल सके। लोगों की राय जाने बगैर बजट में कई ऐसी घोषणाएं कर दी जाती थी, जिसका आम यात्री को बहुत लाभ नहीं मिलता था।
  • सुरेश प्रभु ने अपने पहले रेल बजट में भी सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों के सुझाव मांगे थे लेकिन दायरा काफी सीमित था। इस बार ज्यादा सुझाव मिलने की उम्मीद है। इससे पहले भी सफर के दौरान यात्रियों को ट्रेन में मिलने वाले बिस्तर को लेकर रेलवे ने ऑनलाइन सर्वे कराया था। इसमें मिले सुझाव के आधार पर बिस्तर में बदलाव किया जा रहा है। इसी कड़ी में स्लीपर क्लास में यात्र करने वाले यात्रियों को भी बिस्तर उपलब्ध कराने की योजना शुरू की जा रही है।
  • भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आइआरसीटीसी) के माध्यम से यात्रियों को बिस्तर मिलेगा। इसके लिए यात्रियों को शुल्क चुकाना होगा और सफर में बिस्तर साथ ले जा सकेंगे। इसी तरह से इस वर्ष गर्मी के मौसम में यात्री पखवाड़ा मनाया गया था, जिसमें यात्री सुविधाओं को लेकर यात्रियों से सुझाव लिए गए थे। खानपान व सफाई को लेकर यात्रियों को फोन कर भी सुझाव लेने का अभियान चलाया गया था जिसके आधार पर कई बदलाव भी हुए हैं।

रिसर्च एंड डेवलेपमेंट के क्षेत्र में टाटा मोटर्स सभी भारतीय कंपनियों में अव्‍वल

रिसर्च एंड डेवलेपमेंट के क्षेत्र में टाटा मोटर्स सभी भारतीय कंपनियों में अव्व ल

  • टाटा मोटर्स को दुनिया की टॉप 50 कंपनियों की सूची में शामिल किया गया है। इस सूची में शामिल होने वाली यह एकमात्र भारतीय कंपनी है। रिसर्च एंड डेवलेपमेंट के निवेश में अव्वल रहने वाली कंपनियों की इस लिस्ट में सबसे पहले नंबर पर जर्मनी की कम्पनी वॉक्सवैगन है। इस लिस्ट को यूरोपीय आयोग ने तैयार किया है। इस लिस्ट में दूसरा स्थान पाने वाली कंपनी सैमसंग है। इस लिस्ट में माइक्रोसॉफ्ट, इंटेल और नोवार्टिस का भी नाम शामिल है।
  • जानकारी के मुताबिक इस लिस्ट में टाटा मोटर्स को 49 वां स्थान प्राप्त हुआ है। पिछले वर्ष इसी लिस्ट में टाटा मोटर्स 104वें नंबर पर शामिल थी। लेकिन बदलते दौर में कंपनी ने रिसर्च और डेवलेपमेंट को लेकर काफी निवेश किया है। इसका ही परिणाम है कि इस बार यह टॉप 50 में शामिल हो सकी है। रिपोर्ट से यह बात भी सामने आई है कि निवेश के मामले में दुनिया की 2,500 कंपनियों की एक बड़ी सूची में भारत की करीब 26 कंपनियां शामिल हैं।

एच-1बी वीजा के लिए देने होंगे 6.6 लाख रुपये

 

एच-1बी वीजा के लिए देने होंगे 6.6 लाख रुपये

  • तकरीबन सभी भारतीय आइटी कंपनियों को अगले साल एक अप्रैल से अमेरिका से एच-1बी वीजा पाने के लिए 8,000 से 10,000 डॉलर (36 लाख से 6.6 लाख रुपये) का भुगतान करना होगा। इससे इन कंपनियों पर खासा आर्थिक बोझ पड़ेगा।
  • असल में भारतीय आइटी कंपनियों पर केवल 4,000 डॉलर का नया शुल्क ही नहीं लगाया गया है, बल्कि कई अन्य शुल्क भी अमेरिकी संसद ने एच-1बी वीजा आवेदन में जोड़ दिए हैं। जिस कंसोलिडेटेड एप्रोप्रिएशंस एक्ट, 2016 के तहत वीजा शुल्क वृद्धि हुई है, उस पर राष्ट्रपति बराक ओबामा ने हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस तरह यह कानून अमल में आ गया है।
  • गौरतलब है कि मूल रूप से एच-1बी वीजा आवेदन शुल्क महज 325 डॉलर है। मार्च, 2005 से इसमें रोकथाम एवं पहचान शुल्क के तौर पर 500 डॉलर और जोड़ दिए गए। फिर एंप्लॉयर सेंसरशिप फीस है, जिसके तहत 25 से अधिक कर्मचारियों वाली कंपनियों को प्रति वीजा आवेदन 1500 डॉलर का भुगतान करना पड़ता है।
  • जिन कंपनियों में 25 से कम कर्मी हैं, उन्हें इसका आधा 750 डॉलर का शुल्क देना होता है। यह राशि अमेरिकी कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने के लिए जुटाई जाती है।
  • नए कानून के मुताबिक जिन आइटी कंपनियों में 50 से अधिक कर्मचारी हैं या जिन कंपनियों के 50 फीसद से अधिक कर्मचारी एच-1बी या एल1 वीजा धारक हैं, उन्हें प्रत्येक एच-1बी वीजा आवेदन के लिए 4,000 डॉलर अतिरिक्त भुगतान करना होगा।
  • एल1वीजा के मामले में यह राशि 4,500 डॉलर होगी। इसके अलावा 1,225 डॉलर की प्रीमियम प्रोसेसिंग फीस भी है। इसके अंतर्गत अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा 15 कारोबारी दिन के भीतर एच-1बी वीजा पर फैसला करेगा।
  • भारतीय कंपनियां अक्सर अपने कर्मचारियों को अमेरिका भेजने के लिए त्वरित फैसला लेती है, लिहाजा उन्हें प्रीमियम प्रोसेसिंग फीस चुकानी होगी। इसके अतिरिक्त ज्यादातर भारतीय कंपनियां एच-1बी वीजा आवेदन फीस फाइल करने के लिए बतौर अटॉर्नी फीस 1,000 डॉलर से 2,000 डॉलर के बीच भुगतान करती हैं।
  • एच-1बी वीजा आवेदन फीस नॉन-रिफंडेबल होती है। यही नहीं भारतीय पेशेवर जो एच-1बी और एल1 वीजा पर अमेरिका पहुंचते हैं, उन्हें अपने पे रोल के हिस्से के तौर पर सोशल सिक्योरिटी तथा मेडिकेयर का भुगतान भी करना होता है।

BSNL ने नए ग्राहकों के लिए मोबाइल की कॉल दरें 80 प्रतिशत तक घटाईं

एच-1बी वीजा के लिए देने होंगे 6.6 लाख रुपये

  • सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल ने अपने नए ग्राहकों के लिए एक योजना के तहत प्रथम दो महीने के लिए मोबाइल की कॉल दरें 80 प्रतिशत तक घटा दी हैं।
  • बीएसएनएल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक अनुपम श्रीवास्तव ने बताया, ‘कंपनी ने अपना बुनियादी ढांचा चुस्त-दुरुस्त किया है। हमने नए ग्राहकों के लिए मोबाइल कॉल दरें 80 प्रतिशत तक घटाने का निर्णय किया है ताकि वे उन्नत सेवाओं का अनुभव ले सकें।’
  • उन्होंने कहा कि कॉल दरें प्रति मिनट और प्रति सेकेंड दोनों के बिलिंग प्लान में घटाई गई हैं और यह कनेक्शन लेने के प्रथम दो महीने के लिए वैध होंगी। बीएसएनएल का कनेक्शन लेने वाले नए ग्राहक को प्रति सेकेंड प्लान के लिए 36 रुपये और प्रति मिनट प्लान के लिए 37 रुपये का प्लान वाउचर खरीदना होगा।

दुती चंद को रियो ओलिंपिक का टिकट रहा साल का सबसे बड़ा आकर्षण

दुती चंद को रियो ओलिंपिक का टिकट रहा साल का सबसे बड़ा आकर्षण

  • भारतीय एथलेटिक्स के लिए 2015 मिश्रित सफलता भरा रहा, जिसमें 15 एथलीटों का रियो ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करना और युवा धाविका दुती चंद का वैश्विक संस्था आईएएएफ के खिलाफ ऐतिहासिक मामला जीतना आकर्षण रहा। भारत ने अब तक ओलिंपिक की एथलेटिक्स स्पर्धा में कोई पदक नहीं जीता है, लेकिन अब तक 15 खिलाड़ियों के क्वालीफाई करने के साथ अगले साल रियो ओलिंपिक में भारत के ट्रैक एवं फील्ड दल के बड़ा होने की संभावना है।
  • दिग्गज चक्का फेंक खिलाड़ी विकास गौड़ा ने हाल में ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई किया जब आईएएएफ ने निश्चित संख्या में प्रतिभागी जुटाने के लिए क्वालीफिकेशन स्तर 66 मीटर से घटाकर 65 मीटर कर दिया। गौड़ा ने मई में जमैका अंतरराष्ट्रीय आमंत्रण मीट के दौरान 14 मीटर के प्रयास से यह स्तर हासिल किया था।
  • बीजिंग में अगस्त में हुई विश्व चैम्पियनशिप में हालांकि भारतीय एथलीटों ने निराश किया, जिसमें सिर्फ ललिता बाबर 3000 मीटर स्टीपलचेज में प्रभावी प्रदर्शन करते हुए आठवें स्थान पर रहीं और इस दौरान नौ मिनट 86 सेकेंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया।
  • अमेरिका में रह रहे गौड़ा ने तीसरी बार विश्व चैम्पियनशिप के फाइनल में जगह बनाई, लेकिन 84 मीटर के निराशाजनक प्रदर्शन के साथ नौवें स्थान पर रहे। चीन के ही वुहान में हालांकि विश्व चैम्पियनशिप से दो महीने पहले हुई एशियाई चैम्पियनशिप में भारतीयों ने बेहतर प्रदर्शन किया। भारतीय टीम चार स्वर्ण पदक के साथ कुल 13 पदक के साथ तीसरे स्थान पर रही जो 2007 के बाद उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इस स्पर्धा में भारत के लिए इंदरजीत सिंह (गोला फेंक), गौड़ा, ललिता और टिंटू लुका (800 मीटर) ने स्वर्ण पदक जीते। मैदान के बाहर दुती का मामला छाया जिन्होंने आईएएएफ की हाइपरएंड्रोगेनिज्म नीति के खिलाफ सफलतापूर्वक अपना मामला लड़ा। इस नीति के तहत उन महिलाओं को प्रतिस्पर्धा की इजाजत नहीं मिलती, जिनमें पुरुष हारमोन का स्तर स्वीकृत सीमा से अधिक है।
  • एंड्रोजन का स्तर अधिक होने के कारण राष्ट्रमंडल खेल 2014 की टीम में जगह नहीं पाने वाली दुती ने आईएएएफ की नीति के खिलाफ खेल पंचाट में अपील थी। स्विट्जरलैंड स्थित खेल पंचाट ने इसके बाद अंतिम फैसला लिए जाने तक आईएएएफ की हाइपरएंड्रोगेनिज्म नीति को दो साल के लिए निलंबित कर दिया और दुती को लगभग एक साल के ब्रेक के बाद अपना एथलेटिक्स करियर दोबारा शुरू करने की स्वीकृति दी।
  • वैश्विक संस्था में भारत को महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व मिला जब भारतीय एथलेटिक्स महासंघ के अध्यक्ष आदिले सुमारिवाला को विश्व चैम्पियनशिप से पहले हुए चुनाव में इसका सदस्य चुना गया। पूर्व ओलिंपिक चैम्पियन सबेस्टियन को को इस चुनाव में अध्यक्ष चुना गया। आईएएएफ प्रमुख बनने के एक महीने के भीतर को सदस्य देश के अपने पहले दौरे पर भारत आए। इस बीच राष्ट्रमंडल खेलों में भ्रष्टाचार के दागी अधिकारी ललित भनोट को जून में एशियाई एथलेटिक्स संघ (एएए) का उपाध्यक्ष चुना गया।