भारत-पाकिस्तान वार्ता पर संसद में आज बयान देंगी सुषमा स्वराजभारत-पाकिस्तान वार्ता पर संसद में आज बयान देंगी सुषमा स्वराज

  • विदेशमंत्री सुषमा स्वराज दो दिन का पाकिस्तान दौरा पूरा करके बुधवार रात लौट आई हैं और वहां जो भी बातचीत हुई और इस बातचीत को शुरू करने के फैसले के पीछे की वजह क्या रही, इन दोनों ही मुद्दों पर सुषमा स्वराज आज संसद में बयान देंगीं।
  • दरअसल, सुषमा स्वराज की पाकिस्तानी पीएम के विदेश मामलों के जानकार सरताज अजीज से द्विपक्षीय बातचीत तो हुई ही, साथ ही साथ उनकी मुलाकात पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ से भी हुई। जहां उन्होंने कहा कि भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ अच्छे रिश्ते चाहता है।
  • बाद में सुषमा ने ऐलान किया कि दोनों देशों के बीच सभी मुद्दों पर कॉम्प्रिहेन्सिव बायलेटरल डायलॉग यानी समग्र बातचीत का सिलसिला एक बार फिर से शुरू होगा, जो 2008 के मुंबई हमलों के बाद बंद हो गया था। दोनों देशों के साझा बयान में पाकिस्तान ने मुंबई हमले की सुनवाई में तेजी लाने का भरोसा दिलाया है।
  • इस बार के साझा बयान की खास बात कश्मीर शब्द का जिक्र नहीं होना है। इससे पहले सितंबर में NSA लेवल की बातचीत के एजेंडे में पाकिस्तान कश्मीर शब्द जोड़ना चाहता था, जिस पर भारत ने सख्त ऐतराज जताया था और बाद में बाचतीत रद्द हो गई थी। साझा बयान में दोनों देशों की ओर से आतंकवाद की निंदा और इसके खिलाफ मिलकर लड़ने की बात कही गई है।

मुस्लिमों के समर्थन में आगे आए फेसबुक के संस्थापक मार्क जकरबर्गमुस्लिमों के समर्थन में आगे आए फेसबुक के संस्थापक मार्क जकरबर्ग

  • फेसबुक के संस्थापक मार्क जकरबर्ग ने गुरुवार को मुस्लिमों के समर्थन में आगे आते हुए अपने स्टेटस में लिखा है कि वह दुनिया भर के मुस्लिम समुदाय का समर्थन करते हैं। पेरिस हमले के बाद मुसलमानों में जिस तरह दूसरे समाज से प्रतिक्रिया और नफरत का डर पनप रहा है, उसकी मैं कल्पना भर कर सकता हूं।
  • जकरबर्ग ने अपने फेसबुक पोस्ट पर लिखा, ‘मेरे माता-पिता ने मुझे सभी समुदायों का सम्मान करना और जब किसी समुदाय के खिलाफ हमला हो तो हमले के खिलाफ खड़ा होना सिखाया है। हमला किसी के भी खिलाफ हो इससे दुख सभी को पहुंचता है।’ उन्होंने कहा कि अमेरिका और दुनिया भर के मुसलमानों ने फ्रांस की राजधानी पेरिस और कैलिफोर्निया के बरनार्डिनो में हुए हमले की निंदा की थी।
  • जकरबर्ग आगे लिखते हैं कि एक यहूदी के तौर पर परिवार ने मुझे किसी भी समुदाय पर हो रहे हमलों के खिलाफ खड़ा होना सिखाया है। ऐसे हमले भले ही आज आपके खिलाफ नहीं हैं, लेकिन आने वाले वक्त में किसी की भी आजादी पर होने वाले ये हमले हर किसी को नुकसान पहुंचाएंगे।

जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए निर्धन देशों को दोगुनी राशि देगा अमेरिकाजलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए निर्धन देशों को दोगुनी राशि देगा अमेरिका

  • अमेरिका ने जलवायु परिवर्तन के तत्काल प्रभाव से निपटने के लिए निर्धन देशों की मदद की खातिर दोगुनी राशि का संकल्प किया है।
  • अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने पेरिस में जलवायु परिवर्तन शिखर बैठक में कहा, ‘हम अपने बीच सबसे कमजोर देशों को अकेला नहीं छोड़ेंगे।’
  • अमेरिका के अधिकारियों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन को लेकर मदद से संबंधित अमेरिकी बजट को 2020 तक 80 करोड़ डॉलर कर दिया जाएगा जो 2014 में 43 करोड़ डॉलर था।
  • केरी ने कहा, ‘अमेरिका सहित दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को बड़ी भूमिका अदा करनी होगी।’
  • व्हाइट हाउस ने बुधवार को कहा कि जलवायु परिवर्तन पर भारत के साथ सहमति बनाने के लिए अमेरिका की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जोश आर्नेस्ट ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि मैं भारत को सबसे बड़ा अवरोध कहूं।’
  • उन्होंने कहा, ‘जब आप 180 से अधिक देशों के साथ किसी समझौते पर बातचीत करते हैं तो वहां बहुत सारे मुद्दों का निवारण करना होता है। परंतु इससे इंकार नहीं किया जा सकता कि अमेरिका की ओर से ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।’

रघुराम राजन को भरोसा, संसद में पारित होगा जीएसटी विधेयकरघुराम राजन को भरोसा, संसद में पारित होगा जीएसटी विधेयक

  • रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने उम्मीद जताई है कि संसद में लंबे समय से अटके जीएसटी विधेयक इस बार पारित हो जाएगा। राजन ने अमेरिकी निवेशकों से कहा कि राजकोषीय पुनर्गठन और महंगाई पर ध्यान केंद्रित रखने का अर्थ है कि इनके लिए तय लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।
  • न्यूयार्क में पिछले हफ्ते अमेरिका-भारत बिजनेस काउंसिल (यूएसआईबीसी) की ओर से अमेरिकी संस्थागत निवेशकों के साथ आयोजित चर्चा में राजन ने कहा कि आरबीआई की एक अन्य प्राथमिकता है बैंकों की व्यवस्था दुरस्त करना और उनके फंसे हुए कर्ज (एनपीए) कम करना। इसका उद्देश्य कर्ज वसूल करने के लिए बैंकों को ज्यादा अधिकार मुहैया करना और संबद्घ पक्षों को प्रस्ताव प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाना है।
  • चर्चा के दौरान राजन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) पारित हो जाएगा और समझौते के अवसर हैं। जीएसटी से एकीकृत टैक्स बाजार का लक्ष्य हासिल करने, कर संग्रह में सुधार लाने और टैक्स के दायरे के विस्तार में मदद मिलेगी।
  • यूएसआईबीसी के चेयरमैन और मास्टरकार्ड के अध्यक्ष व सीईओ अजय बंगा के नेतत्व में यह चर्चा महंगाई और राजकोषीय घाटा प्रबंधन पर केंद्रित रही।

जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल चुनी गईं टाइम मैगजीन की ‘पर्सन ऑफ द ईयर’जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल चुनी गईं टाइम मैगजीन की 'पर्सन ऑफ द ईयर'

  • टाइम पत्रिका ने जर्मनी की चांसलर एंजला मर्केल को ‘पर्सन ऑफ दि ईयर-2015’ घोषित किया है। पत्रिका नेयूरोप के कर्ज संकट, शरणार्थी और प्रवासी संकट के साथ-साथ यूक्रेन में रूसी हस्तक्षेप के दौरान मर्केल के नेतृत्व की तारीफ की है।
  • टाइम ने कहा, ‘ऐसे वक्त में जब दुनिया के ज्यादातर हिस्से सुरक्षा और स्वतंत्रता के बीच संतुलन पर तीखे वाद-विवाद में उलझे हुए हैं, चांसलर जर्मन लोगों से बहुत कुछ कह रही हैं, और उनके उदाहरण के माध्यम से हम लोगों से भी। स्वागत करने योग्य बनने। निडर बनने। यह यकीन करने कि महान सभ्यताएं आपसे में दीवार नहीं, पुलें बनाती हैं, और लड़ाई युद्ध के मैदान पर और बाहर दोनों की जगह जीती जाती हैं।’
  • दुनिया की सबसे ताकतवर महिलाओं में शामिल 61 वर्षीय मर्केल लगभग तीन दशक में टाइम पत्रिका की पहली महिला पर्सन ऑफ दि ईयर हैं। इस स्थान के लिए मर्केल ने दुनिया के कुछ जाने-माने नेताओं ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, आईएसआईएस प्रमुख अबु बकर अल-बगदादी और अमेरिकी राष्ट्रपति पद की रिपब्लिकन उम्मीदवारी की होड़ में शामिल डोनाल्ड ट्रंप को पछाड़ा है।
  • इस खिताब के शुरुआती 58 दावेदारों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी और गूगल के भारतीय मूल के सीईओ सुंदर पिचई के नाम भी शामिल थे। पिछले साल भी पीएम मोदी दावेदारों में शामिल थे, हालांकि पत्रिका के संपादकों ने उनको पर्सन ऑफ द ईयर नहीं चुना। उस समय पाठकों के मतदान में मोदी विजेता बने थे। उन्हें कुल पड़े करीब 50 लाख मतों में से 16 फीसदी से अधिक मिले थे।